कार्रवाई
ED ने वेस्टर्न रेलवे कर्मचारी प्रशांत बलदेवभाई रबारी के खिलाफ PMLA शिकायत दाखिल की
ED के अहमदाबाद कार्यालय ने वेस्टर्न रेलवे के एक कर्मचारी के खिलाफ PMLA के तहत अभियोजन शिकायत दाखिल की है। ED का आरोप है कि उनके पास ज्ञात आय से लगभग 2.58 करोड़ रुपये अधिक की संपत्ति है।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आय से अधिक संपत्ति के एक मामले में वेस्टर्न रेलवे के कर्मचारी प्रशांत बलदेवभाई रबारी (Prashant Baldevbhai Rabari) के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत अभियोजन शिकायत दाखिल की है। एजेंसी ने 27 अक्टूबर 2026 को यह जानकारी दी। ED का आरोप है कि उन्होंने अपनी ज्ञात आय से लगभग 2.58 करोड़ रुपये अधिक की संपत्ति अर्जित की। यह शिकायत ED के अहमदाबाद कार्यालय ने भद्र, अहमदाबाद स्थित PMLA अदालत में दाखिल की है।
क्या हुआ
ED के अनुसार, उसकी जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI), गांधीनगर द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज FIR के आधार पर शुरू हुई। ये अपराध PMLA के तहत "अनुसूचित अपराध" हैं, यानी ED यह जांच कर सकता है कि इनसे मिले पैसे को वैध दिखाने की कोशिश हुई या नहीं।
ED का आरोप है कि वेस्टर्न रेलवे में नौकरी के दौरान कर्मचारी ने भ्रष्ट तरीके अपनाए और अपनी ज्ञात आय से अधिक चल और अचल संपत्ति अर्जित की। ED के मुताबिक लगभग 2.58 करोड़ रुपये की ये संपत्तियां उनके और उनकी पत्नी के नाम पर थीं और 1 जनवरी 2017 से 2 फरवरी 2021 की जांच अवधि में अर्जित की गईं। जांच अवधि वह समय होता है जिसमें जांचकर्ता किसी लोक सेवक की आय की तुलना उसकी अर्जित संपत्ति से करते हैं।
ED ने बताया कि उसने पहले 2,00,44,981 रुपये की अचल संपत्ति पर अस्थायी कुर्की का आदेश जारी किया था, जिसके बारे में ED का आरोप है कि वह अवैध धन के सीधे इस्तेमाल से खरीदी गई थी। इसके बाद उसने PMLA अदालत में अभियोजन शिकायत दाखिल की, जो PMLA में आरोप-पत्र के बराबर होती है।
इसका क्या मतलब है
यह शिकायत अब भद्र, अहमदाबाद की PMLA अदालत के सामने है। अस्थायी कुर्की से मामले के दौरान संपत्ति बेची या ट्रांसफर नहीं की जा सकती; PMLA के तहत न्यायनिर्णायक प्राधिकरण को इसकी पुष्टि करनी होती है।
ये आरोप हैं, दोष का निष्कर्ष नहीं; अदालत में दोष सिद्ध होने तक आरोपी निर्दोष माने जाते हैं, और कानूनी प्रक्रिया जारी है।
ED का विवरण एक रेलवे कर्मचारी के खिलाफ भ्रष्टाचार-रोधी FIR पर आधारित मामले का है। अगर कोई अधिकारी रिश्वत मांगे तो इसकी शिकायत राज्य के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में की जा सकती है; हर राज्य की हेल्पलाइन के लिए Oquilia की गाइड https://www.oquilia.com/report-a-bribe पर है।
यह रिपोर्ट सार्वजनिक रिकॉर्ड पर मौजूद नियामकीय कार्रवाइयों और आरोपों का विवरण है, जो उद्धृत अधिकारियों के हवाले से दी गई है। कोई आदेश, एफआईआर या चार्जशीट दोषसिद्धि नहीं है; दोष सिद्ध होने तक सभी पक्ष निर्दोष माने जाते हैं।
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