कार्रवाई
मिज़ोरम-मणिपुर ड्रग-मनी हवाला जांच में ED ने 1,424 बैंक खाते फ्रीज़ किए
ED के अनुसार, उसने मिज़ोरम और मणिपुर में ड्रग-मनी हवाला जांच में 1,424 बैंक खाते फ्रीज़ किए और छह आरोपियों को गिरफ्तार किया; उसका आरोप है कि कई खाते 500 रुपये प्रति लाख पर किराये पर दिए गए थे।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कहा है कि उसने 23 अक्टूबर 2026 को मिज़ोरम और मणिपुर में 1,424 बैंक खाते फ्रीज़ किए। एजेंसी के अनुसार, इनमें से कई खाते उनके धारकों ने सीमा पार ड्रग तस्करी का पैसा घुमाने के लिए किराये पर दिए थे। ED ने कहा कि उसने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया और 17.82 करोड़ रुपये की एक व्यावसायिक इमारत अस्थायी रूप से कुर्क की, जिससे इन मामलों में सुरक्षित की गई संपत्ति 26 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है।
क्या हुआ
ED के आइज़ोल और इंफाल कार्यालयों ने कहा कि उन्होंने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और मिज़ोरम पुलिस के साथ मिलकर मिज़ोरम के आइज़ोल, चम्फाई और लॉन्गतलाई तथा मणिपुर के चुराचांदपुर में तलाशी ली। ये तीन मनी लॉन्ड्रिंग मामले हेरोइन, ब्राउन शुगर और मेथएम्फ़ेटामीन गोलियों की ज़ब्ती से जुड़े हैं, जिनकी ED के अनुसार म्यांमार से तस्करी हुई थी।
ED का आरोप है कि मणिपुर में इकट्ठा ड्रग बिक्री का पैसा चुराचांदपुर के मिनी-ATM और कस्टमर सर्विस पॉइंट काउंटरों के ज़रिए बैंकिंग व्यवस्था में डाला गया; एक काउंटर ने 2024 से जून 2026 के बीच 175.03 करोड़ रुपये के 2,947 ट्रांसफ़र किए। ED के अनुसार, मिज़ोरम की फ़ार्मेसियों, जनरल स्टोरों और व्यक्तियों ने हर लाख रुपये पर 500 रुपये लेकर अपने खाते किराये पर दिए और बिना किसी असली कारोबार के कुछ ही दिनों में RTGS, NEFT और IMPS से पैसा आगे भेज दिया। ED ने कहा कि खाताधारकों ने खाते किराये पर देने की बात स्वीकार की।
खाते PMLA की Section 17(1A) के तहत फ्रीज़ किए गए। ED ने कहा कि वह बैंक अधिकारियों और काउंटर संचालकों की भूमिका की भी जांच कर रहा है।
ये आरोप हैं, दोष के निष्कर्ष नहीं; अदालत में दोष सिद्ध होने तक आरोपी निर्दोष माने जाते हैं, और कानूनी प्रक्रिया जारी है।
इसका क्या मतलब है
यह विज्ञप्ति दिखाती है कि कमीशन के बदले दूसरों को अपना बैंक खाता इस्तेमाल करने देने वालों के साथ क्या हो सकता है: ED के अनुसार ऐसे "म्यूल" और लाभार्थी खाते भी फ्रीज़ किए गए खातों में शामिल थे। किसी और का पैसा आगे भेजने में इस्तेमाल हुआ खाता जांच के दौरान फ्रीज़ हो सकता है, जिससे खाताधारक अपनी ही बचत तक नहीं पहुंच पाता।
किसी को भी शुल्क के बदले पैसा लेने या भेजने के लिए अपना बैंक खाता, डेबिट कार्ड या चेकबुक इस्तेमाल न करने दें। अगर किसी ने आपके खाते के इस्तेमाल के बदले पैसे की पेशकश की है, या आपको खाते के दुरुपयोग का शक है, तो https://cybercrime.gov.in पर या हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें। अस्थायी कुर्की की पुष्टि PMLA के न्यायनिर्णायक प्राधिकरण को करनी होती है।
यह रिपोर्ट सार्वजनिक रिकॉर्ड पर मौजूद नियामकीय कार्रवाइयों और आरोपों का विवरण है, जो उद्धृत अधिकारियों के हवाले से दी गई है। कोई आदेश, एफआईआर या चार्जशीट दोषसिद्धि नहीं है; दोष सिद्ध होने तक सभी पक्ष निर्दोष माने जाते हैं।
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