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कार्रवाई

रिलायंस कम्युनिकेशंस, RHFL बैंक धोखाधड़ी मामलों में ED ने 510 करोड़ रुपये की और संपत्ति कुर्क की

प्रवर्तन निदेशालय ने रिलायंस समूह की कंपनियों के खिलाफ जांच के तहत बैंक धोखाधड़ी मामलों में दो विमान और पवन चक्कियों समेत 510 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है।

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आधिकारिक स्रोतEnforcement Directorate
Key figure: Rs 510 crore of assets attached by the ED, made up of Rs 247.12 crore in the Reliance Communications case and Rs 263.05 crore in the RHFL and RCFL case, taking assets attached or seized so far to about Rs 23,100 crore.
ओक्विलिया ग्राफ़िक। स्रोत: Enforcement Directorate press release, 3 November 2026

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रिलायंस समूह की कंपनियों से जुड़े बैंक धोखाधड़ी मामलों में 510 करोड़ रुपये की और संपत्ति कुर्क की है। यह जानकारी 3 नवंबर 2026 की प्रेस विज्ञप्ति में दी गई है। इसमें रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) मामले में 247.12 करोड़ रुपये और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) व रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) मामले में 263.05 करोड़ रुपये की संपत्ति शामिल है।

क्या हुआ

ED के अनुसार, RCOM मामले में कुर्क संपत्ति में दो चार्टर्ड विमान, एक Dassault Falcon 2000 और एक Embraer Legacy 650, छह ज़मीन के टुकड़े और महाराष्ट्र में एक दफ्तर शामिल हैं। RHFL/RCFL मामले में तमिलनाडु की दो पवन चक्कियां, बैंक बैलेंस, फिक्स्ड डिपॉज़िट और निवेश व प्राप्य रकम कुर्क की गई है।

ED ने कहा कि इन कुर्कियों के साथ समूह के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) और विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत कई मामलों में अब तक लगभग 23,100 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क या ज़ब्त की जा चुकी है। जांच CBI दिल्ली और दिल्ली व मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखाओं की FIR के आधार पर शुरू हुई। जांच के दायरे में रिलायंस कम्युनिकेशंस, रिलायंस होम फाइनेंस, रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर, रिलायंस पावर और रिलायंस कैपिटल हैं।

ED के अनुसार, उसकी जांच में पाया गया कि समूह ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों से सार्वजनिक धन निकाला, कॉरपोरेट संपत्तियों को बचाने के लिए दिवाला कानून का दुरुपयोग किया और सार्वजनिक धन विदेशी टैक्स हेवन में भेजा, जिसका बड़ा हिस्सा प्रमोटरों और उनके परिवार के फायदे में इस्तेमाल हुआ। ED ने कहा कि उसने 10 लोगों को गिरफ्तार किया है, PMLA के तहत छह अभियोजन शिकायतें और FEMA के तहत एक शिकायत दायर की है।

इसका क्या मतलब है

PMLA के तहत कुर्की के बाद मामला चलने तक संपत्ति बेची या हस्तांतरित नहीं की जा सकती। PMLA के न्यायनिर्णायक प्राधिकरण को इसकी पुष्टि करनी होगी, और मालिक इसे चुनौती दे सकते हैं। ये मामले बैंकों और वित्तीय संस्थानों के दिए कर्ज़ से जुड़े हैं, और ED का कहना है कि आगे की जांच जारी है।

ये आरोप हैं, दोष के निष्कर्ष नहीं; आरोपी तब तक निर्दोष माने जाते हैं जब तक अदालत में उनका दोष साबित न हो, और कानूनी प्रक्रिया जारी है।

स्रोत: Enforcement Directorate press release

यह रिपोर्ट सार्वजनिक रिकॉर्ड पर मौजूद नियामकीय कार्रवाइयों और आरोपों का विवरण है, जो उद्धृत अधिकारियों के हवाले से दी गई है। कोई आदेश, एफआईआर या चार्जशीट दोषसिद्धि नहीं है; दोष सिद्ध होने तक सभी पक्ष निर्दोष माने जाते हैं।

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