कार्रवाई
ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले में ED ने 23.35 करोड़ रुपये की और संपत्ति अटैच की
ED के बेंगलुरु कार्यालय ने ऑनलाइन सट्टेबाजी के एक मामले में 23.35 करोड़ रुपये की संपत्ति अस्थायी रूप से अटैच की है। ED का आरोप है कि इस मामले में अपराध की कमाई 2,300 करोड़ रुपये से अधिक है।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) के बेंगलुरु क्षेत्रीय कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत 13.77 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 9.59 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति, यानी कुल 23.35 करोड़ रुपये की संपत्ति अस्थायी रूप से अटैच की है। ED ने 27 अक्टूबर 2026 को बताया कि 23 अक्टूबर 2026 का यह आदेश ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए के एक नेटवर्क से जुड़ा है, जिसके बारे में ED का आरोप है कि उससे 2,300 करोड़ रुपये से अधिक की अपराध की कमाई हुई।
क्या हुआ
ED के अनुसार, उसकी जांच पुलिस की कई FIR के आधार पर शुरू हुई, जिनमें ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए के प्लेटफॉर्म के जरिए धोखाधड़ी, पहचान बदलकर धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और जबरन वसूली के आरोप हैं। ED का आरोप है कि मुख्य आरोपी और उसके सहयोगी King567 समेत कई अवैध सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म पेमेंट गेटवे, शेल कंपनियों और म्यूल खातों के जरिए चलाते थे, और खिलाड़ियों से पैसा जमा कराकर हेरफेर वाली सट्टेबाजी और रोकी गई निकासी के जरिए उनसे धोखा किया गया।
ED का आरोप है कि यह पैसा कई खातों, हवाला चैनलों और विदेशी संस्थाओं के जरिए घुमाया गया और महंगी संपत्तियों, कारोबारी निवेश, विदेश भेजे गए पैसे और निजी खर्चों में लगाया गया। एजेंसी के अनुसार, पेमेंट गेटवे Fonepaisa Payment Solutions Private Limited को प्रमुख भुगतान मध्यस्थ के रूप में भारी कमीशन मिला, और SimTech IT Solutions Private Limited को King567 से जुड़े म्यूल खातों से रकम मिली।
ED ने बताया कि उसने पहले कई राज्यों में 60 से अधिक ठिकानों पर तलाशी ली थी, मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया था और 177.30 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की थी, जिसकी बाद में न्यायनिर्णायक प्राधिकरण ने पुष्टि की। ED के अनुसार, अभियोजन शिकायत और एक पूरक शिकायत दाखिल हो चुकी है और विशेष PMLA अदालत ने 4 मई 2026 को संज्ञान लिया। ED के मुताबिक अब तक अटैच, जब्त या फ्रीज की गई संपत्ति 343 करोड़ रुपये से अधिक है।
इसका क्या मतलब है
अस्थायी अटैचमेंट से मामले के दौरान मालिक उस संपत्ति को बेच या ट्रांसफर नहीं कर सकते। PMLA के तहत न्यायनिर्णायक प्राधिकरण को इसकी पुष्टि करनी होती है। ED का कहना है कि आगे की जांच जारी है।
ये आरोप हैं, दोष का निष्कर्ष नहीं; अदालत में दोष सिद्ध होने तक आरोपी निर्दोष माने जाते हैं, और कानूनी प्रक्रिया जारी है।
ED के विवरण के अनुसार, यह मामला दिखाता है कि सट्टेबाजी ऐप पैसा जमा होने के बाद निकासी रोक सकते हैं। किसी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर पैसा गंवाने वाले लोग https://cybercrime.gov.in पर शिकायत कर सकते हैं या हेल्पलाइन 1930 पर कॉल कर सकते हैं।
यह रिपोर्ट सार्वजनिक रिकॉर्ड पर मौजूद नियामकीय कार्रवाइयों और आरोपों का विवरण है, जो उद्धृत अधिकारियों के हवाले से दी गई है। कोई आदेश, एफआईआर या चार्जशीट दोषसिद्धि नहीं है; दोष सिद्ध होने तक सभी पक्ष निर्दोष माने जाते हैं।
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