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कार्रवाई

बेलगावी शिवम एसोसिएट्स पोंजी केस: ED ने 427.16 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की

ED ने शिवम एसोसिएट्स मामले में 427.16 करोड़ रुपये की संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क की है। ED का आरोप है कि हर महीने 3% रिटर्न का वादा कर 35,000 से ज्यादा निवेशकों से 2,459.49 करोड़ रुपये जुटाए गए।

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आधिकारिक स्रोतEnforcement Directorate
कार्रवाई / 2 नवंबर 2026

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 31 अक्टूबर 2026 को बताया कि उसके मंगलौर सब-जोनल कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत 30 अक्टूबर 2026 को अस्थायी कुर्की आदेश जारी कर मुख्य आरोपी और उससे जुड़े लोगों और संस्थाओं की 427.16 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की। मामला मेसर्स शिवम एसोसिएट्स और अन्य से जुड़ा है, जिसमें ED ने अपराध की कुल आय करीब 2,459 करोड़ रुपये आंकी है।

क्या हुआ

ED के अनुसार, कुर्की में HDFC, ICICI, IDFC First, कोटक महिंद्रा, उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस और स्थानीय सहकारी सोसाइटियों में 367.78 करोड़ रुपये की सावधि जमा, 47 बैंक खातों में 44.38 करोड़ रुपये, 13.69 करोड़ रुपये की 42 संपत्तियां और CDSL खातों में फ्रीज 1.32 करोड़ रुपये के शेयर शामिल हैं।

ED का केस बेलगावी के मालमारुति थाने में BNS, 2023, अनियमित जमा योजना प्रतिबंध अधिनियम, 2019 और KPID अधिनियम, 2004 के तहत दर्ज FIR पर आधारित है। ED का आरोप है कि मुख्य आरोपी और उसके सहयोगियों ने हर महीने 3% के निश्चित रिटर्न और नए निवेशक लाने पर 0.5% रेफरल कमीशन का वादा कर 35,000 से ज्यादा निवेशकों से 2,459.49 करोड़ रुपये जुटाए।

ED का आरोप है कि निवेशकों का पैसा जोखिम भरी शेयर ट्रेडिंग में लगाया गया, जिसमें 185.95 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ; करीब 25 करोड़ रुपये श्रीमाता को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी लिमिटेड और धनश्री मल्टीपर्पज को-ऑप सोसाइटी लिमिटेड के जरिए जमा बनाकर जमीन खरीदने के कर्ज लिए गए; और पैसा परिवार के खातों और जुड़े कारोबारों में गया, जिसमें शिवम सेवा (OPC) प्राइवेट लिमिटेड को 19 करोड़ रुपये शामिल हैं।

ED के अनुसार, अगस्त 2026 में बेलगावी, चिक्कोडी और निपाणी में आठ परिसरों की तलाशी ली गई और 2.02 करोड़ रुपये वाले जमा और खाते फ्रीज किए गए। मुख्य आरोपी को 13 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया गया और 9 अक्टूबर 2026 को मंगलौर की PMLA अदालत में पांच आरोपी व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ अभियोजन शिकायत दायर की गई।

इसका क्या मतलब है

अस्थायी कुर्की एक अस्थायी रोक है, जिसकी पुष्टि PMLA के न्यायनिर्णायक प्राधिकरण से जरूरी है। अनधिकृत जमा योजनाओं की शिकायत RBI के सचेत पोर्टल https://sachet.rbi.org.in पर की जा सकती है।

ये आरोप हैं, दोष के निष्कर्ष नहीं; अदालत में दोष साबित होने तक आरोपी निर्दोष माने जाते हैं, और कानूनी प्रक्रिया जारी है।

स्रोत: Enforcement Directorate press release

यह रिपोर्ट सार्वजनिक रिकॉर्ड पर मौजूद नियामकीय कार्रवाइयों और आरोपों का विवरण है, जो उद्धृत अधिकारियों के हवाले से दी गई है। कोई आदेश, एफआईआर या चार्जशीट दोषसिद्धि नहीं है; दोष सिद्ध होने तक सभी पक्ष निर्दोष माने जाते हैं।

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