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कार्रवाई

'डंकी रूट' अवैध प्रवास मामले में ED ने दिल्ली के ट्रैवल एजेंट को गिरफ्तार किया

ED के जालंधर कार्यालय ने दिल्ली के एक टिकटिंग एजेंट को गिरफ्तार किया है, जिसे वह 'डंकी रूट' नेटवर्क का प्रमुख सूत्रधार बताता है। विशेष PMLA अदालत ने 30 अक्टूबर 2026 तक उसकी ED हिरासत दी है।

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आधिकारिक स्रोतEnforcement Directorate
कार्रवाई / 27 अक्टूबर 2026

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 'डंकी रूट' मामले में दिल्ली के एक टिकटिंग और ट्रैवल एजेंट को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया है। यह मामला फरवरी 2025 में अमेरिका से वापस भेजे गए भारतीयों से जुड़ा है। ED के जालंधर क्षेत्रीय कार्यालय ने 23 अक्टूबर 2026 को यह गिरफ्तारी की, और विशेष PMLA अदालत ने 30 अक्टूबर 2026 तक उसकी हिरासत एजेंसी को दी है।

क्या हुआ

ED के अनुसार, उसकी जांच पंजाब पुलिस और हरियाणा पुलिस द्वारा BNS और उत्प्रवास अधिनियम, 1983 के तहत दर्ज FIR के आधार पर शुरू हुई। यह तब हुआ जब फरवरी 2025 में मेक्सिको सीमा से अवैध रूप से प्रवेश करने के कारण 300 से अधिक भारतीय नागरिकों को अमेरिका से वापस भेजा गया।

ED का आरोप है कि अमेरिका जाने के इच्छुक लोगों को एजेंटों और बिचौलियों ने कानूनी रास्ते से भेजने का झूठा वादा किया, लेकिन उन्हें दक्षिण और मध्य अमेरिका के कई देशों से होकर खतरनाक रास्तों से अवैध रूप से भेजा गया। ED के अनुसार ऐसे लोगों से प्रति व्यक्ति लगभग 30 लाख से 60 लाख रुपये वसूले गए।

ED का आरोप है कि गिरफ्तार एजेंट एक प्रमुख सूत्रधार था, जो पंजाब और हरियाणा के एजेंटों से पासपोर्ट और पैसे लेता था, गुयाना, सूरीनाम, इक्वाडोर और अल सल्वाडोर जैसे ट्रांजिट देशों के वीजा और टिकट की व्यवस्था करता था, रास्ते और कीमत तय करता था, और जाली पीत ज्वर टीकाकरण प्रमाणपत्र का इंतजाम करता था। ED का कहना है कि 2022-23 से 2024-25 के बीच उसकी प्रोपराइटरशिप फर्म के खाते में 414 लेनदेन के जरिए 30.38 करोड़ रुपये नकद जमा हुए।

ED ने बताया कि दिसंबर 2025 की तलाशी में उसके परिसरों से 4.62 करोड़ रुपये नकद, लगभग 5.9 किलो सोना और लगभग 313 किलो चांदी, कुल 19.14 करोड़ रुपये की, जब्त की गई, और दूसरे परिसरों से दूसरे लोगों के 50 से अधिक मूल पासपोर्ट बरामद हुए। इस मामले में ED पहले लगभग 5.41 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच कर चुका है।

इसका क्या मतलब है

ये आरोप हैं, दोष का निष्कर्ष नहीं; अदालत में दोष सिद्ध होने तक आरोपी निर्दोष माने जाते हैं, और कानूनी प्रक्रिया जारी है।

ED के विवरण के अनुसार, अमेरिका जाने के इच्छुक लोगों से भारी रकम लेकर उन्हें कानूनी रास्ते का वादा किया गया, लेकिन अवैध और खतरनाक यात्राओं पर भेजा गया। ED का कहना है कि आगे की जांच जारी है।

स्रोत: Enforcement Directorate press release

यह रिपोर्ट सार्वजनिक रिकॉर्ड पर मौजूद नियामकीय कार्रवाइयों और आरोपों का विवरण है, जो उद्धृत अधिकारियों के हवाले से दी गई है। कोई आदेश, एफआईआर या चार्जशीट दोषसिद्धि नहीं है; दोष सिद्ध होने तक सभी पक्ष निर्दोष माने जाते हैं।

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