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कार्रवाई

645 करोड़ रुपये के IDFC First Bank मामले में ED ने चंडीगढ़ के ज्वेलर पार्टनर को गिरफ्तार किया

प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अनुसार, उसने 645 करोड़ रुपये के IDFC First Bank मामले में चंडीगढ़ की Sawan Jewellers के एक पार्टनर को PMLA के तहत गिरफ्तार किया है; विशेष अदालत ने ED को 4 दिन की हिरासत दी।

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आधिकारिक स्रोतEnforcement Directorate
कार्रवाई / 26 अक्टूबर 2026

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कहा है कि उसने 645 करोड़ रुपये के IDFC First Bank मामले में चंडीगढ़ की ज्वेलरी फर्म M/s Sawan Jewellers के एक पार्टनर को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया है। ED की 23 अक्टूबर 2026 की विज्ञप्ति के अनुसार, गिरफ्तारी 22 अक्टूबर 2026 को हुई, जब उन्हें विशेष अदालत (PMLA) में पेश किया गया और अदालत ने एजेंसी को 4 दिन की हिरासत दी।

क्या हुआ

ED के चंडीगढ़ ज़ोनल ऑफिस-II ने कहा कि मामला IDFC First Bank से जुड़े 645 करोड़ रुपये के कथित गबन का है। ED का आरोप है कि गिरफ्तार पार्टनर, जो एजेंसी के मुताबिक फर्म का पूरा कामकाज अकेले संभालते थे, ने मुख्य आरोपी और अन्य लोगों के साथ मिलकर हरियाणा सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन के विभिन्न विभागों के सरकारी धन के दुरुपयोग की साज़िश रची।

ED के अनुसार, फर्म के बैंक खाते की जांच में 6 नवंबर 2024 से 18 फरवरी 2026 के बीच लगभग 332 करोड़ रुपये की प्राप्तियां मिलीं, जो एजेंसी के मुताबिक मुख्य आरोपी द्वारा नियंत्रित शेल और मध्यवर्ती संस्थाओं से आई थीं। ED का आरोप है कि फर्म ने अपराध की कमाई को खपाने और छिपाने में मदद की, और यह पैसा उसके रोज़मर्रा के कारोबार में मिला दिया गया। एजेंसी ने यह भी कहा कि मुख्य आरोपी से जुड़ने के बाद फर्म की बुलियन ख़रीद तेज़ी से बढ़ी।

ED ने कहा कि इसी मामले में वह पहले चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुका है और लगभग 225 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क, ज़ब्त और फ्रीज़ की गई हैं। उसने विशेष अदालत (PMLA), पंचकूला में 14 आरोपियों के खिलाफ अभियोजन शिकायत भी दायर की है, जो PMLA में चार्जशीट के समान होती है। ED के अनुसार आगे की जांच जारी है।

ये आरोप हैं, दोष के निष्कर्ष नहीं; अदालत में दोष सिद्ध होने तक आरोपी निर्दोष माने जाते हैं, और कानूनी प्रक्रिया जारी है।

इसका क्या मतलब है

ED के विवरण के अनुसार यह मामला सरकारी विभागों के धन से जुड़ा है, आम जमाकर्ताओं के पैसे से नहीं, और विज्ञप्ति में यह नहीं कहा गया है कि किसी ग्राहक का खाता प्रभावित हुआ। PMLA के तहत संपत्ति की कुर्की और ज़ब्ती जांच के दौरान संपत्ति सुरक्षित रखने के कदम हैं; पैसे का शोधन हुआ या नहीं, इसका फ़ैसला मुकदमे में होगा।

अगर आपको अपने बैंक खाते से जुड़ी धोखाधड़ी का शक हो, तो आप https://cybercrime.gov.in पर या हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत कर सकते हैं, और बैंक सेवा से जुड़ी शिकायतें RBI के पोर्टल https://cms.rbi.org.in पर दर्ज कर सकते हैं।

स्रोत: Enforcement Directorate press release

यह रिपोर्ट सार्वजनिक रिकॉर्ड पर मौजूद नियामकीय कार्रवाइयों और आरोपों का विवरण है, जो उद्धृत अधिकारियों के हवाले से दी गई है। कोई आदेश, एफआईआर या चार्जशीट दोषसिद्धि नहीं है; दोष सिद्ध होने तक सभी पक्ष निर्दोष माने जाते हैं।

इस रिपोर्ट में आपका नाम है, या कोई गलती दिखी? सुधार और जवाब के लिए लिखें: editor@oquilia.com