कार्रवाई
APX ऑनलाइन सट्टेबाजी केस: ED ने आर्मस्ट्रांग एक्सचेंज के संस्थापक को गिरफ्तार किया
ED ने ऑल पैनल एक्सचेंज (APX) सट्टेबाजी और साइबर धोखाधड़ी जांच में आर्मस्ट्रांग एक्सचेंज प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक को गिरफ्तार किया है। ED का आरोप है कि पैसा म्यूल खातों और सहकारी सोसाइटी के खाते से घुमाया गया।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 31 अक्टूबर 2026 को बताया कि उसके मुंबई जोनल कार्यालय II ने ऑल पैनल एक्सचेंज (APX) के जरिए चल रहे ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी के कारोबार और उससे जुड़ी साइबर धोखाधड़ी की जांच में आर्मस्ट्रांग एक्सचेंज प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक को 27 अक्टूबर 2026 को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत गिरफ्तार किया। मुंबई की विशेष PMLA अदालत ने उसे तीन दिन की ED हिरासत में भेजा।
क्या हुआ
ED का केस ऑनलाइन गेमिंग, सट्टेबाजी और साइबर धोखाधड़ी की तीन FIR पर आधारित है, जिनमें शिकायतकर्ताओं ने करोड़ों रुपये के नुकसान की बात कही है।
ED के अनुसार, पैसा हैदराबाद के जुबली हिल्स मर्केंटाइल कोऑपरेटिव बैंक में कई म्यूल खातों, यानी दूसरों का पैसा घुमाने में इस्तेमाल होने वाले खातों, से होकर शेल संस्थाओं में भेजा गया। ED का आरोप है कि इन संस्थाओं से बड़ी रकम नागरभावी क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी, बेंगलुरु के नोडल खाते में गई, जो गिरफ्तार व्यक्ति द्वारा बनाई गई आर्मस्ट्रांग एक्सचेंज प्राइवेट लिमिटेड की ओर से चलाया जाता था।
ED का आरोप है कि उसने सोसाइटी के KYC और फर्जी दस्तावेजों से एक क्रिप्टो खाता खोला और सोसाइटी के बैंक खाते से सैकड़ों करोड़ रुपये घुमाए। एजेंसी का आरोप है कि इसका बड़ा हिस्सा सीधे उन अवैध गेमिंग और सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म की अपराध की कमाई से जुड़ा था, जो साइबर ठगी के जरिए लोगों को फंसाते थे।
एजेंसी के अनुसार, इस मामले में पहले ED ने पुणे, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, सूरत और मेहसाणा में तलाशी लेकर दस्तावेज जब्त किए, कई बैंक खातों में करीब 9 करोड़ रुपये फ्रीज किए और एडसम फिनटेक प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को गिरफ्तार किया।
इसका क्या मतलब है
ED के ब्योरे से पता चलता है कि सट्टेबाजी ऐप और साइबर ठगी का पैसा सहकारी बैंक और क्रेडिट सोसाइटी के खातों से कैसे घुमाया जा सकता है। ऑनलाइन सट्टेबाजी या गेमिंग प्लेटफॉर्म या साइबर ठगी में पैसा गंवाने वाले https://cybercrime.gov.in पर या हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत कर सकते हैं। ED ने कहा कि आगे की जांच जारी है।
ये आरोप हैं, दोष के निष्कर्ष नहीं; अदालत में दोष साबित होने तक आरोपी निर्दोष माने जाते हैं, और कानूनी प्रक्रिया जारी है।
यह रिपोर्ट सार्वजनिक रिकॉर्ड पर मौजूद नियामकीय कार्रवाइयों और आरोपों का विवरण है, जो उद्धृत अधिकारियों के हवाले से दी गई है। कोई आदेश, एफआईआर या चार्जशीट दोषसिद्धि नहीं है; दोष सिद्ध होने तक सभी पक्ष निर्दोष माने जाते हैं।
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