कार्रवाई
ED ने 157 करोड़ रुपये की कथित निवेश योजना में APS Wealth Ventures के प्रमुख को गिरफ्तार किया
ED ने कहा कि उसने 2 नवंबर 2026 को APS Wealth Ventures LLP को नियंत्रित करने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार किया। एजेंसी का आरोप है कि सुनिश्चित रिटर्न वाली योजनाओं में निवेशकों का पैसा इधर-उधर कर उसका शोधन किया गया।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उस व्यक्ति को गिरफ्तार किया है जिसके बारे में एजेंसी का कहना है कि वह APS Wealth Ventures LLP को नियंत्रित करता था। यह धन शोधन का मामला हर महीने सुनिश्चित रिटर्न का वादा करने वाली निवेश योजनाओं से जुड़ा है। ED के मुंबई ज़ोनल कार्यालय ने 2 नवंबर 2026 को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 की धारा 19 के तहत गिरफ्तारी की, और मुंबई की विशेष PMLA अदालत ने आरोपी को 4 नवंबर 2026 तक ED की हिरासत में दिया।
क्या हुआ
ED ने कहा कि उसका मामला पुणे के एक पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR पर आधारित है, जिसे बाद में पुणे की आर्थिक अपराध शाखा को सौंपा गया। एजेंसी के अनुसार, निवेशकों को APS Wealth Ventures LLP समेत आरोपी की संस्थाओं में 20 महीनों तक हर महीने लगभग 5% मुनाफे और 5% मूलधन वापसी का वादा कर निवेश के लिए लुभाया गया।
ED ने कहा कि अब तक की जांच में पता चला है कि लगभग 587 निवेशकों ने करीब 157 करोड़ रुपये लगाए, जिनमें से करीब 89 करोड़ रुपये कथित तौर पर नहीं लौटाए गए।
ED के मुताबिक, आरोपी के पास APS Wealth Ventures LLP की लगभग 90% हिस्सेदारी थी और वही इसका रोज़मर्रा का प्रबंधन और बैंक खाते संभालता था। एजेंसी का आरोप है कि निवेशकों का पैसा LLP और APS Smart Gain LLP समेत जुड़ी संस्थाओं के कई बैंक खातों से घुमाया गया, और आरोपी के निजी खातों से विभिन्न व्यक्तियों को और प्रतिभूतियों में पैसा भेजा गया। एजेंसी ने कहा कि अंतिम लाभार्थियों का पता लगाने के लिए इन लेन-देन की जांच की जा रही है।
ED ने यह भी कहा कि ऐसे आरोप हैं कि आरोपी अप्रैल 2023 में भारत छोड़कर दुबई चला गया और वहां अपनी फर्म Wealthpro Investment Consultant LLC के ज़रिये इसी तरह के सुनिश्चित रिटर्न का वादा किया; एजेंसी के अनुसार इनकी जांच होनी है। ED ने कहा कि हिरासत में पूछताछ का मकसद पैसे के रास्ते, लाभार्थियों और इस रकम से खरीदी गई संपत्तियों का पता लगाना है।
इसका क्या मतलब है
निवेशकों के लिए यह मामला अभी जांच के चरण में है; इस विज्ञप्ति में ED ने किसी संपत्ति की कुर्की की घोषणा नहीं की है। हर महीने तय ऊंचे रिटर्न का वादा कर पैसा जुटाने वाली योजनाओं की शिकायत RBI के सचेत पोर्टल https://sachet.rbi.org.in पर की जा सकती है।
ये आरोप हैं, दोष के निष्कर्ष नहीं; अदालत में दोष साबित होने तक आरोपी निर्दोष माने जाते हैं, और कानूनी प्रक्रिया जारी है।
यह रिपोर्ट सार्वजनिक रिकॉर्ड पर मौजूद नियामकीय कार्रवाइयों और आरोपों का विवरण है, जो उद्धृत अधिकारियों के हवाले से दी गई है। कोई आदेश, एफआईआर या चार्जशीट दोषसिद्धि नहीं है; दोष सिद्ध होने तक सभी पक्ष निर्दोष माने जाते हैं।
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