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उपभोक्ता आयोग का आदेश: देरी के लिए घर खरीदार को 9% ब्याज दे ओमैक्स की कंपनी

चंडीगढ़ राज्य उपभोक्ता आयोग ने माना कि ओमैक्स न्यू चंडीगढ़ डेवलपर्स की अधूरे फ्लैट की पेशकश वैध कब्जा नहीं थी और देरी के लिए 9% ब्याज देने का आदेश दिया।

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आधिकारिक स्रोतConsumer commission
A law library aisle between tall shelves of bound volumes

फ़ोटो: MaxnaCarta / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0 (क्रॉप की गई)। सांकेतिक तस्वीर।

चंडीगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने ओमैक्स न्यू चंडीगढ़ डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड को आदेश दिया है कि वह कब्जे में देरी के लिए एक घर खरीदार को फ्लैट के लिए चुकाई गई पूरी रकम पर 30 सितंबर 2024 से 25 जनवरी 2026 तक 9% सालाना ब्याज दे। 3 नवंबर 2026 के अपने आदेश में आयोग ने 75,000 रुपये मुआवजा और 35,000 रुपये मुकदमे का खर्च भी दिलाया।

क्या हुआ

आदेश के अनुसार, घर खरीदार ने जून 2021 में न्यू चंडीगढ़, मोहाली में डेवलपर की "सेलेस्टिया रॉयल प्लस" परियोजना में फ्लैट बुक किया था। बिक्री समझौते में 30 सितंबर 2024 तक कब्जा देना तय था। 1,17,08,672 रुपये की कीमत के मुकाबले खरीदार ने कुल 1,20,42,930 रुपये चुकाए।

डेवलपर ने 13 सितंबर 2024 को कब्जे की पेशकश की और दलील दी कि यह तय तारीख के भीतर थी। आयोग ने माना कि यह पेशकश वैध नहीं थी, क्योंकि फ्लैट अधूरा था। आयोग ने कहा कि जून 2025 तक पेंटिंग, RO सिस्टम, लकड़ी का फर्श, पंखे और बल्ब तथा वादा किए गए सात एयर कंडीशनर बाकी थे, और एयर कंडीशनर जनवरी 2026 में ही लगाए गए। हर महीने 23,000 रुपये किराया दे रहे खरीदार ने 20 जून 2025 को कब्जा लिया।

आयोग ने डेवलपर की यह आपत्ति खारिज कर दी कि खरीदार उपभोक्ता नहीं बल्कि निवेशक है, और कहा कि डेवलपर ने इसका कोई सबूत नहीं दिया। आयोग ने कंपनी और उसके तीन अधिकारियों को संयुक्त रूप से और अलग-अलग जिम्मेदार ठहराया।

ब्याज की रकम आदेश की प्रमाणित प्रति मिलने के 30 दिन के भीतर चुकानी होगी, वरना जमा रकम पर 12% सालाना ब्याज लगेगा। मुआवजा और खर्च भी 30 दिन में देना होगा, वरना उन पर 9% ब्याज लगेगा। इस आदेश के खिलाफ अपील की जा सकती है।

इसका क्या मतलब है

आयोग ने माना कि अगर फ्लैट तय विशेषताओं के अनुसार पूरा नहीं है, तो सिर्फ कब्जे की पेशकश या ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट से बिल्डर की देरी की जिम्मेदारी खत्म नहीं होती। आयोग ने यह भी माना कि किराये से बचने के लिए अधूरे फ्लैट का कब्जा लेने वाला खरीदार देरी के मुआवजे का अपना दावा नहीं छोड़ता।

देरी झेल रहे घर खरीदार e-Daakhil के जरिए उपभोक्ता शिकायत दर्ज कर सकते हैं या राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन 1915 पर कॉल कर सकते हैं।

स्रोत: Consumer commission order

यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आधिकारिक जानकारी पर आधारित है और केवल जानकारी के लिए है। यह निवेश या वित्तीय सलाह नहीं है।