कार्रवाई
CCPA ने भ्रामक वॉकी-टॉकी लिस्टिंग पर Hogar Technologies पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने कहा कि उसने फ्रीक्वेंसी और लाइसेंस नियम न बताने वाली वॉकी-टॉकी लिस्टिंग के लिए Hogar Technologies and Innovations LLP पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने 25 अक्टूबर 2026 को कहा कि उसने वॉकी-टॉकी के भ्रामक विज्ञापनों और लिस्टिंग के लिए Hogar Technologies and Innovations LLP पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। CCPA के अनुसार, लिस्टिंग में उपकरणों की ऑपरेटिंग फ्रीक्वेंसी और लाइसेंस की जरूरत नहीं बताई गई थी। यह आदेश उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत पारित हुआ।
क्या हुआ
CCPA ने कहा कि कंपनी की वेबसाइट पर लिस्टिंग में ऑपरेटिंग फ्रीक्वेंसी, लाइसेंस की शर्तें और नियामकीय मंजूरियां साफ तौर पर नहीं बताई गई थीं, जिससे खरीदार यह मान सकते थे कि इन उपकरणों को बिना जरूरी अनुमति के कानूनी रूप से इस्तेमाल किया जा सकता है। 2018 के नियमों के तहत 446.0-446.2 MHz रेंज में काम करने वाले पर्सनल मोबाइल रेडियो को शर्तों के साथ लाइसेंस से छूट है; इस रेंज के बाहर के उपकरणों पर संबंधित नियामकीय शर्तें लागू होती हैं।
कंपनी ने कहा कि उसके पास डीलर लाइसेंस और इक्विपमेंट टाइप अप्रूवल हैं, और उसकी वेबसाइट केवल जानकारी और ग्राहक जुटाने के लिए है, वहां ऑनलाइन बिक्री नहीं होती। CCPA ने माना कि मंजूरियां होने से खरीद से पहले ग्राहकों को सही और पूरी जानकारी देने की जिम्मेदारी खत्म नहीं होती, और पेमेंट गेटवे के बिना वेबसाइट भी भ्रामक विज्ञापन के नियमों के दायरे में आती है। उसने कंपनी को अधिनियम के भ्रामक विज्ञापन और अनुचित व्यापार व्यवहार संबंधी प्रावधानों का उल्लंघन करते पाया।
यह आदेश एक बड़ी कार्रवाई का हिस्सा है। CCPA ने कहा कि उसे 16,970 से ज्यादा नियमों का पालन न करने वाली लिस्टिंग मिलीं और उसने 13 ई-कॉमर्स कंपनियों को नोटिस भेजे। वह अब तक 12 संस्थाओं के खिलाफ अंतिम आदेश दे चुका है, जिनमें कुल 58 लाख रुपये का जुर्माना है। इनमें Amazon Seller Services, Flipkart Internet, Meesho, Meta Platforms और TradeIndia (Infocom Network) पर 10-10 लाख रुपये, और JioMart (Reliance Retail) समेत अन्य पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना शामिल है।
CCPA के अनुसार, Amazon और Flipkart ने अपने आदेशों को कर्नाटक हाई कोर्ट में चुनौती दी है, और Meta व TradeIndia ने राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC) में, जिसने TradeIndia को जुर्माने की राशि जमा करने का निर्देश दिया है। IndiaMART ने कार्यवाही को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है, जबकि मामला अभी CCPA के सामने है।
इसका क्या मतलब है
वॉकी-टॉकी खरीदने वालों को लिस्टिंग में ऑपरेटिंग फ्रीक्वेंसी और जरूरी लाइसेंस की जानकारी मिलनी चाहिए, ताकि वे जान सकें कि उपकरण का इस्तेमाल कानूनी रूप से कर सकते हैं या नहीं। CCPA ने कहा कि उत्पाद चाहे किसी भी तरीके से बेचा जाए, ये जानकारियां देना जरूरी है। भ्रामक लिस्टिंग मिलने पर उपभोक्ता राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (1915) या e-Daakhil के जरिए शिकायत कर सकते हैं।
स्रोत: PIB press release
यह रिपोर्ट सार्वजनिक रिकॉर्ड पर मौजूद नियामकीय कार्रवाइयों और आरोपों का विवरण है, जो उद्धृत अधिकारियों के हवाले से दी गई है। कोई आदेश, एफआईआर या चार्जशीट दोषसिद्धि नहीं है; दोष सिद्ध होने तक सभी पक्ष निर्दोष माने जाते हैं।
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