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कार्रवाई

CBI कोर्ट ने रिश्वत मामले में Bank of Baroda के पूर्व मैनेजर सुबोध कुमार रस्तोगी को 4 साल की सजा दी

CBI के अनुसार, लखनऊ की CBI कोर्ट ने 2015 के रिश्वत मामले में Bank of Baroda के एक पूर्व शाखा प्रबंधक को दोषी ठहराकर चार साल की कैद और 30,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

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आधिकारिक स्रोतCentral Bureau of Investigation
Timeline of the CBI bribery case against a former Bank of Baroda branch manager: case registered on 26 October 2015, chargesheet filed on 18 December 2015, and a sentence of four years in prison and a Rs 30,000 fine on 2 November 2026.
ओक्विलिया ग्राफ़िक। स्रोत: CBI press release

उत्तर प्रदेश में Bank of Baroda की बलरामपुर शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक सुबोध कुमार रस्तोगी (Subodh Kumar Rastogi) को लखनऊ की CBI कोर्ट ने रिश्वत मामले में दोषी ठहराकर चार साल की कैद और 30,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बताया। कोर्ट ने यह सजा 2 नवंबर 2026 को सुनाई।

क्या हुआ

CBI ने एक कर्जदार की शिकायत पर 26 अक्टूबर 2015 को मामला दर्ज किया था। CBI के अनुसार, बलरामपुर शाखा ने कर्जदार को सोलर लाइट के कारोबार के विस्तार के लिए 5 लाख रुपये का कर्ज मंजूर किया था।

CBI ने कहा कि जब 1,25,000 रुपये टर्म लोन के रूप में दिए जा रहे थे, तब शाखा प्रबंधक ने CA शुल्क, स्टांप पेपर शुल्क और फाइल शुल्क के बहाने कर्जदार से करीब 25,000 रुपये लिए। CBI के अनुसार, बाद में कर्जदार के खाते में 3,75,000 रुपये कैश क्रेडिट लिमिट के रूप में जारी होने के बाद शाखा प्रबंधक ने 25,000 रुपये की रिश्वत मांगी और न देने पर खाता बंद करने की धमकी दी।

एजेंसी के अनुसार, CBI ने जाल बिछाकर शाखा प्रबंधक को कर्जदार से 10,000 रुपये लेते हुए पकड़ा। CBI ने 18 दिसंबर 2015 को आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे के बाद कोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराकर सजा सुनाई।

इसका क्या मतलब है

यह मामला याद दिलाता है कि बैंक कर्मचारी मंजूर कर्ज जारी करने या खाता चालू रखने के लिए बैंक के अपने शुल्कों के अलावा कोई अतिरिक्त भुगतान नहीं मांग सकते। मामला दर्ज होने के करीब 11 साल बाद यह सजा आई है।

जिन कर्जदारों से बैंक का कोई अधिकारी रिश्वत मांगे, वे CBI या अपने राज्य के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से शिकायत कर सकते हैं; हर राज्य की हेल्पलाइन के लिए Oquilia की गाइड https://www.oquilia.com/report-a-bribe पर है। बैंक की सेवा से जुड़ी शिकायत RBI के पोर्टल https://cms.rbi.org.in पर दर्ज की जा सकती है।

स्रोत: CBI press release

यह रिपोर्ट सार्वजनिक रिकॉर्ड पर मौजूद नियामकीय कार्रवाइयों और आरोपों का विवरण है, जो उद्धृत अधिकारियों के हवाले से दी गई है। कोई आदेश, एफआईआर या चार्जशीट दोषसिद्धि नहीं है; दोष सिद्ध होने तक सभी पक्ष निर्दोष माने जाते हैं।

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