कार्रवाई
212.34 करोड़ रुपये के Canara Bank कर्ज़ मामले में CBI ने IL&FS Energy Development पर केस दर्ज किया
CBI के अनुसार, उसने Canara Bank को 212.34 करोड़ रुपये के कथित नुकसान के मामले में IL&FS Energy Development Company और उसके निदेशकों के खिलाफ केस दर्ज कर तीन शहरों में तलाशी ली।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने कहा है कि उसने Canara Bank को 212.34 करोड़ रुपये के कथित गलत नुकसान के मामले में M/s IL&FS Energy Development Company Limited और उसके पांच प्रबंध निदेशकों व निदेशकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। CBI की 24 अक्टूबर 2026 की विज्ञप्ति के अनुसार, मामला 21 अक्टूबर 2026 को दर्ज हुआ और इसके बाद मुंबई, दिल्ली और नोएडा में तलाशी ली गई।
क्या हुआ
CBI ने कहा कि मामला Canara Bank के बांद्रा (पूर्व), मुंबई स्थित सर्कल ऑफिस की शिकायत पर दर्ज किया गया। कंपनी और उसके निदेशकों के अलावा, मामले में अज्ञात लोक सेवकों और अज्ञात निजी व्यक्तियों को भी आरोपी बनाया गया है। आरोपों में धोखाधड़ी की आपराधिक साज़िश और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध शामिल हैं।
CBI के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर साज़िश रचकर पूर्ववर्ती Syndicate Bank, जो अब Canara Bank का हिस्सा है, की मुंबई स्थित LCB ब्रांच से 100 करोड़ रुपये का टर्म लोन और उसकी लंदन ब्रांच से 5 करोड़ अमेरिकी डॉलर (USD 50 million) का कर्ज़ लिया। CBI का आरोप है कि कंपनी ने कर्ज़ का पैसा उस काम में नहीं लगाया जिसके लिए वह मंज़ूर हुआ था, और सहयोगी कंपनियों के ज़रिए पैसा इधर-उधर किया, जिससे बैंक को नुकसान हुआ।
CBI ने कहा कि उसने कंपनी के प्रबंध निदेशकों और निदेशकों से जुड़े कई ठिकानों पर तलाशी ली। एजेंसी के अनुसार, उसने बैंक दस्तावेज़, जमा पर्चियां, म्यूचुअल फ़ंड पोर्टफ़ोलियो के दस्तावेज़, निदेशकों के बैंक खातों और संपत्तियों का ब्योरा, और कंपनी के खाता-बही बरामद कर ज़ब्त किए।
CBI ने कहा कि कथित साज़िश की पूरी सीमा जानने, लोक सेवकों और निजी व्यक्तियों सहित सभी लोगों की भूमिका पहचानने और कर्ज़ के पैसे के अंतिम इस्तेमाल का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
ये आरोप हैं, दोष के निष्कर्ष नहीं; अदालत में दोष सिद्ध होने तक आरोपी निर्दोष माने जाते हैं, और कानूनी प्रक्रिया जारी है।
इसका क्या मतलब है
CBI की FIR आपराधिक जांच की शुरुआत होती है। इसमें लगाए गए आरोप मुकदमे में साबित करने होते हैं, और मामला दर्ज होने का मतलब यह नहीं कि कोई दोषी पाया गया है।
यह मामला बैंक द्वारा एक कंपनी को दिए गए कर्ज़ से जुड़ा है। CBI की विज्ञप्ति में यह नहीं कहा गया है कि Canara Bank का कोई जमाकर्ता या ग्राहक प्रभावित हुआ है। अपने बैंक की सेवा से जुड़ी शिकायत वाले ग्राहक RBI के पोर्टल https://cms.rbi.org.in का इस्तेमाल कर सकते हैं।
स्रोत: CBI press release
यह रिपोर्ट सार्वजनिक रिकॉर्ड पर मौजूद नियामकीय कार्रवाइयों और आरोपों का विवरण है, जो उद्धृत अधिकारियों के हवाले से दी गई है। कोई आदेश, एफआईआर या चार्जशीट दोषसिद्धि नहीं है; दोष सिद्ध होने तक सभी पक्ष निर्दोष माने जाते हैं।
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