कानूनी
राजस्थान हाई कोर्ट: साइबर क्राइम मामले में SBI सिर्फ विवादित रकम ही फ्रीज रखे
राजस्थान हाई कोर्ट ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को निर्देश दिया कि पुलिस जांच से जुड़े एक ग्राहक के खाते में सिर्फ विवादित रकम फ्रीज रखी जाए और बाकी रकम के इस्तेमाल की अनुमति दी जाए।
राजस्थान हाई कोर्ट की जोधपुर पीठ ने 13 October 2026 को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को निर्देश दिया कि एक ग्राहक के करंट अकाउंट में सिर्फ विवादित रकम ही फ्रीज रखी जाए और खाताधारक को बाकी बैलेंस से लेनदेन करने दिया जाए। यह आदेश खाताधारक की रिट याचिका पर आया, जो बैंक द्वारा खाता फ्रीज किए जाने के बाद दायर की गई थी। कोर्ट ने पुलिस को यह बताने के लिए सात दिन का समय भी दिया कि कितनी रकम रोकी जानी चाहिए।
क्या हुआ
खाताधारक ने हाई कोर्ट से मांग की थी कि SBI को करंट अकाउंट अनफ्रीज करने, फ्रीज करने के लिखित कारण बताने और साइबर क्राइम अधिकारियों से मिली किसी भी सूचना को साझा करने का निर्देश दिया जाए। इस मामले में RBI, SBI और राजस्थान पुलिस के साइबर क्राइम व क्राइम ब्रांच के वरिष्ठ अधिकारियों को प्रतिवादी बनाया गया था।
कोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए बैंक को निर्देश दिया कि विवादित रकम फ्रीज रखी जाए। आदेश में इसे वह रकम बताया गया है जो याचिकाकर्ता के खाते में अवैध रूप से ट्रांसफर की गई थी। बैंक को याचिकाकर्ता को बाकी बैलेंस से लेनदेन करने देना होगा।
कोर्ट ने कहा कि अगर बैंक को विवादित रकम का सही आंकड़ा नहीं बताया गया है, जिसे पुलिस अपराध का स्रोत बताती है, तो बैंक जांच अधिकारी को पत्र लिखकर पूछेगा कि कितनी रकम पर लियन लगाया जाए, यानी कितनी रकम रोककर रखी जाए जिसे निकाला न जा सके। बैंक पत्र के साथ आदेश की कॉपी भी लगाएगा। पुलिस को पत्र मिलने के सात दिन के भीतर जवाब देना होगा। कोर्ट ने साफ किया कि अगर जवाब नहीं आता है, तब भी बैंक इस आदेश के अनुसार काम करने के लिए बाध्य होगा।
इसका क्या मतलब है
जिन बैंक ग्राहकों के खाते साइबर क्राइम जांच के दौरान फ्रीज किए जाते हैं, उनके लिए यह आदेश बताता है कि इस मामले में हाई कोर्ट ने क्या रास्ता अपनाया: रोक पूरे खाते के बजाय सिर्फ विवादित रकम तक सीमित रखी गई, और पुलिस को वह रकम बताने के लिए तय समय दिया गया। यह निर्देश इसी याचिकाकर्ता के खाते के लिए जारी किया गया है।
बैंक की सेवा से जुड़ी शिकायत RBI के पोर्टल https://cms.rbi.org.in पर दर्ज की जा सकती है। साइबर धोखाधड़ी में पैसा गंवाने वाले लोग https://cybercrime.gov.in पर या हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करके शिकायत कर सकते हैं।
स्रोत: High Court judgment
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