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राजस्थान हाई कोर्ट: SARFAESI कब्जे में पुलिस शुल्क नियम 10 की दरों तक सीमित

State Bank of India की याचिका पर राजस्थान हाई कोर्ट ने SARFAESI कब्जे में बैंकों की मदद के लिए नियम 10 की दरों से ज्यादा पुलिस मांग रद्द की; फैसला आगे से लागू होगा।

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आधिकारिक स्रोतRajasthan High Court
कानूनी / 24 अक्टूबर 2026

राजस्थान हाई कोर्ट की जोधपुर पीठ ने 12 अक्टूबर 2026 को कहा कि SARFAESI Act के तहत गिरवी संपत्ति पर कब्जा लेने में बैंक की मदद के लिए पुलिस शुल्क राजस्थान पुलिस नियम, 2008 के नियम 10 की दरों तक सीमित रहेगा। कोर्ट ने उन दरों से ज्यादा की वे मांगें रद्द कर दीं जो सिर्फ कार्यकारी परिपत्रों पर आधारित थीं, जिनमें 3 फरवरी 2026 का परिपत्र भी शामिल है। यह फैसला State Bank of India की याचिका पर आया।

क्या हुआ

बैंक के मुताबिक, उसका दिया एक कर्ज 12 अगस्त 2025 को गैर-निष्पादित संपत्ति (NPA) घोषित हुआ, जिसके बाद उसने Act की धारा 13(2) के तहत मांग नोटिस भेजा। बकाया न चुकाए जाने पर उसने धारा 14 के तहत आवेदन किया, और 27 मई 2026 को सक्षम प्राधिकारी ने उसे बिना कोई खर्च चुकाए पुलिस की मदद से गिरवी संपत्ति पर कब्जा लेने की अनुमति दी।

बैंक ने कोर्ट से इस आदेश में बदलाव की मांग की, ताकि पुलिस मदद नियम 10 में तय उपयोगकर्ता शुल्क चुकाने पर मिले। उसने इसी कोर्ट के 12 अगस्त 2026 के उस फैसले का हवाला दिया, जो AU Small Finance Bank Ltd की अगुवाई वाले मामलों के समूह में आया था और जिसमें पुलिस को धारा 14 के तहत मदद के लिए शुल्क मांगने की अनुमति दी गई थी। बैंक ने कहा कि वह भुगतान को तैयार है।

कोर्ट ने बैंक को राज्य के गृह विभाग, पुलिस महानिदेशक और जोधपुर पुलिस आयुक्त से संपर्क करने का निर्देश दिया। इसके बाद पुलिस को राजस्थान पुलिस अधिनियम, 2007 की धारा 46 और धारा 2(m) के तहत, नियम 10 की दरों तक सीमित खर्च बैंक को बताना होगा और संशोधित बिल जारी करने होंगे।

इसका क्या मतलब है

फैसले के मुताबिक, SARFAESI कब्जे में मदद के लिए पुलिस की ऐसी मांग, जो नियम 10 की दरों से ज्यादा हो और सिर्फ कार्यकारी परिपत्रों पर आधारित हो, कानूनी अधिकार के बिना है। कोर्ट ने यह फैसला आगे से लागू किया है: इसके आधार पर कर्जदार या बैंक पुराने परिपत्रों के तहत पहले से लगाए और जमा किए गए पुलिस शुल्क को दोबारा नहीं खोल सकते और न ही उनकी वापसी मांग सकते हैं।

कोर्ट ने यह भी कहा कि राज्य सरकार से उम्मीद है कि वह नियम 10 की पुरानी दरों को जल्द अपडेट करे, ताकि वे आज के प्रशासनिक खर्च और पुलिसकर्मियों के वेतन खर्च के अनुरूप हों।

स्रोत: High Court judgment

यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आधिकारिक जानकारी पर आधारित है और केवल जानकारी के लिए है। यह निवेश या वित्तीय सलाह नहीं है।