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पंजाब उपभोक्ता आयोग ने मेडिक्लेम खारिज करने पर Oriental Insurance के खिलाफ आदेश बरकरार रखा

पंजाब राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने माना कि Oriental Insurance ने एक पॉलिसीधारक का 2.52 लाख रुपये का दावा पहले से मौजूद बीमारी बताकर गलत तरीके से खारिज किया, और कंपनी की अपील खारिज कर दी।

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आधिकारिक स्रोतConsumer commission
कानूनी / 24 अक्टूबर 2026

राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, पंजाब ने The Oriental Insurance Company Limited की अपील खारिज करते हुए वह आदेश बरकरार रखा है, जिसमें कंपनी को एक पॉलिसीधारक के 2,52,400 रुपये के अस्पताल बिल का भुगतान करने को कहा गया था। 15 अक्टूबर 2026 के अपने आदेश में आयोग ने माना कि बीमा कंपनी ने पहले से मौजूद बीमारी के आधार पर दावा गलत तरीके से खारिज किया।

क्या हुआ

आदेश के अनुसार, कपूरथला के एक पॉलिसीधारक के पास मई 2017 से PNB-Oriental ग्रुप मेडिक्लेम पॉलिसी थी, जो Punjab National Bank के खाताधारकों के लिए है। मई 2019 में पॉलिसी तय तारीख पर रिन्यू नहीं हुई और करीब तीन महीने के अंतराल के बाद 27 अगस्त 2019 को रिन्यू कराई गई। जून 2020 में पॉलिसीधारक पैरों की धमनियों में रुकावट के लिए अस्पताल में भर्ती हुए और उनकी एंजियोप्लास्टी व स्टेंटिंग हुई। बीमा कंपनी ने यह कहकर दावा खारिज कर दिया कि बीमारी पहले से मौजूद थी और तीन साल तक कवर से बाहर है।

आयोग ने माना कि अंतराल के कारण, और निरंतरता दर्ज करने वाला कोई endorsement न होने से, 27 अगस्त 2019 वाली पॉलिसी नई पॉलिसी थी।

लेकिन आयोग ने यह भी माना कि बीमा कंपनी को ठोस सबूतों से साबित करना था कि बीमारी उस नई पॉलिसी के शुरू होने से पहले से थी। आदेश के मुताबिक, कंपनी ने सिर्फ 2020 के इलाज की डिस्चार्ज समरी पर भरोसा किया, जिसमें डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर का पुराना इतिहास लिखा था। कंपनी ने पहले के इलाज का कोई रिकॉर्ड या प्रपोजल फॉर्म पेश नहीं किया। आयोग ने कहा कि बिना सहायक सबूत के ऐसा इतिहास नोट दावा खारिज करने का आधार नहीं हो सकता, और डायबिटीज व हाई ब्लड प्रेशर जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां हैं, जिनका खुलासा न करना इस मामले में तथ्य छिपाना नहीं माना गया।

इसका क्या मतलब है

जिला आयोग ने बीमा कंपनी को 45 दिनों के भीतर 2,52,400 रुपये, अस्पताल में भर्ती होने की तारीख से 6% सालाना ब्याज के साथ, और 10,000 रुपये खर्च व मुआवजे के रूप में देने का आदेश दिया था। अब वह आदेश लागू रहेगा। अपील दायर करते समय कंपनी द्वारा जमा किए गए 1,53,916 रुपये प्रमाणित प्रति मिलने के 45 दिन बाद पॉलिसीधारक को जारी किए जाएंगे।

यह आदेश दिखाता है कि रिन्यूअल में अंतराल से वेटिंग पीरियड दोबारा शुरू हो सकता है, और पहले से मौजूद बीमारी बताकर दावा खारिज करने वाली बीमा कंपनी को इसे साबित करना होगा। यह आदेश आयोग का निष्कर्ष है और इसके खिलाफ अपील की जा सकती है। उपभोक्ता राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (1915) से मदद ले सकते हैं या e-Daakhil पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

स्रोत: Consumer commission order

यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आधिकारिक जानकारी पर आधारित है और केवल जानकारी के लिए है। यह निवेश या वित्तीय सलाह नहीं है।