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मध्य प्रदेश हाई कोर्ट: DCB Bank व्यापारी का खाता खोले, 4 लाख रुपये FD में रखे

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने DCB Bank को एक ट्रेडिंग फर्म का चालू खाता अनफ्रीज करने और केवल 4.02 लाख रुपये की विवादित राशि फिक्स्ड डिपॉजिट में रखने का निर्देश दिया।

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आधिकारिक स्रोतMadhya Pradesh High Court
कानूनी / 24 अक्टूबर 2026

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर पीठ ने 12 अक्टूबर 2026 को DCB Bank को एक ट्रेडिंग फर्म का चालू खाता अनफ्रीज करने और उसे खाता चलाने देने का निर्देश दिया। अदालत ने आदेश दिया कि केवल 4,01,934.14 रुपये की विवादित राशि फिक्स्ड डिपॉजिट में रखी जाए।

क्या हुआ

फर्म का चालू खाता उज्जैन की एक DCB Bank शाखा में है। उसने खाता अनफ्रीज करवाने के लिए रिट याचिका दायर की। उसके वकील ने दलील दी कि मामला हाई कोर्ट के दो पुराने फैसलों के दायरे में आता है।

पहले फैसले में, 2024 में, बैंकों को निर्देश दिया गया था कि साइबर अपराध एजेंसियों द्वारा बताई गई राशि फिक्स्ड डिपॉजिट में रखी जाए, जो तीन महीने के भीतर न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश आने के बाद ही जारी होगी। आदेश न आने पर खाताधारक एजेंसियों को सूचना देकर पैसा निकाल सकता था। दूसरे फैसले में, 27 जुलाई 2026 को, जबलपुर पीठ ने गृह मंत्रालय की 10 अप्रैल 2026 की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) पर भरोसा किया, जो राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग प्रणाली के जरिए होल्ड किए गए खातों के लिए है। उसमें दिशानिर्देश तय किए गए कि पुलिस को आमतौर पर केवल संदिग्ध राशि तक लियन या डेबिट फ्रीज का निर्देश देना चाहिए, और पूरा खाता फ्रीज करना केवल असाधारण मामलों में, लिखित कारण दर्ज करके, होना चाहिए।

अदालत ने माना कि दोनों फैसले इस मामले पर लागू होते हैं। उसने 4,01,934.14 रुपये फिक्स्ड डिपॉजिट में रखने का आदेश दिया, जो BNSS या किसी अन्य कानून के तहत तीन महीने में मजिस्ट्रेट का आदेश आने पर ही जारी होंगे; ऐसा न होने पर फर्म पुलिस को सूचना देकर यह राशि निकाल सकती है। खाता अनफ्रीज किया जाएगा। किसी दूसरी एंट्री पर नई शिकायत मिलने पर बैंक SOP के तहत कार्रवाई कर सकता है।

इसका क्या मतलब है

जिन छोटे कारोबारों के खाते साइबर फ्रॉड की शिकायत पर फ्रीज होते हैं, उनके लिए यह आदेश दिखाता है कि अदालत ने होल्ड को विवादित राशि तक सीमित किया ताकि बाकी खाता इस्तेमाल हो सके। अदालत द्वारा लागू दिशानिर्देशों के तहत बैंक को ग्राहक की शिकायत सात दिनों में पोर्टल पर अपलोड करनी होगी और जांच अधिकारी को पंद्रह दिनों में फैसला करना होगा। अनसुलझी शिकायतें जिला शिकायत निवारण अधिकारी के पास जाती हैं। साइबर फ्रॉड की शिकायत https://cybercrime.gov.in पर या हेल्पलाइन 1930 पर की जा सकती है।

स्रोत: High Court judgment

यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आधिकारिक जानकारी पर आधारित है और केवल जानकारी के लिए है। यह निवेश या वित्तीय सलाह नहीं है।