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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का SBI को आदेश: खाता अनफ्रीज़ करें, सिर्फ 6,426 रुपये रोकें

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने SBI को साइबर अपराध की शिकायत पर फ्रीज़ किया गया खाता अनफ्रीज़ करने और केवल विवादित 6,426.15 रुपये फिक्स्ड डिपॉज़िट में रखने का आदेश दिया।

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आधिकारिक स्रोतMadhya Pradesh High Court
कानूनी / 25 अक्टूबर 2026

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने 15 अक्टूबर 2026 को State Bank of India को आदेश दिया कि साइबर अपराध की शिकायत के चलते फ्रीज़ किए गए एक ग्राहक के खाते को अनफ्रीज़ किया जाए। केवल विवादित रकम 6,426.15 रुपये को एक फिक्स्ड डिपॉज़िट में अलग रखा जाएगा। अगर तीन महीने में किसी मजिस्ट्रेट का आदेश नहीं आता, तो ग्राहक यह रकम भी निकाल सकेगा।

क्या हुआ

खाताधारक ने अदालत से SBI खाते पर लगी रोक और 6,426.15 रुपये पर लगे होल्ड को हटाने की मांग की थी। अदालत ने कहा कि फ्रीज़ खातों पर उसके दो पुराने फैसले इस मामले पर भी लागू होते हैं।

आदेश के अनुसार, विवादित 6,426.15 रुपये फिक्स्ड डिपॉज़िट में रखे जाएंगे और खाता अनफ्रीज़ किया जाएगा ताकि ग्राहक उसे चला सके। यह फिक्स्ड डिपॉज़िट तभी तोड़ा जा सकेगा जब तीन महीने के भीतर सक्षम न्यायिक मजिस्ट्रेट आदेश दें। ऐसा न होने पर ग्राहक पुलिस को सूचना देकर यह रकम निकाल सकता है। अदालत ने यह भी कहा कि अगर बैंक को किसी अन्य लेन-देन के बारे में शिकायत मिलती है, तो वह सरकार की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) को ध्यान में रखते हुए कानून के अनुसार कार्रवाई कर सकता है।

आदेश में हाईकोर्ट का एक पुराना फैसला उद्धृत है, जिसमें गृह मंत्रालय की 10 अप्रैल 2026 की SOP पर चर्चा है। यह SOP राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग व्यवस्था के ज़रिये होल्ड किए गए खातों से जुड़ी शिकायतों के लिए है। आदेश में उद्धृत विवरण के अनुसार, बैंक सात दिन में शिकायत अपलोड करता है, जांच अधिकारी 15 दिन में फैसला करता है, अनसुलझे मामले ज़िला शिकायत निवारण अधिकारी के पास जाते हैं, और रकम जारी करने के निर्देशों का पालन बेहतर हो कि 48 घंटे में किया जाए।

इसका क्या मतलब है

जिन ग्राहकों के खाते साइबर अपराध की शिकायत के कारण फ्रीज़ होते हैं, उनके लिए यह आदेश दिखाता है कि अदालत ने रोक को विवादित रकम तक सीमित किया और बाकी खाते का इस्तेमाल करने दिया।

आदेश में उद्धृत पुराने फैसले में कहा गया है कि ऐसे ग्राहक के लिए बैंक संपर्क का पहला बिंदु है और उसे ग्राहक को सिर्फ पुलिस के पास भेजने के बजाय शिकायत प्रक्रिया शुरू करने में मदद करनी चाहिए। बैंक के व्यवहार से असंतुष्ट ग्राहक RBI से https://cms.rbi.org.in पर संपर्क कर सकते हैं। साइबर धोखाधड़ी की शिकायत https://cybercrime.gov.in पर या हेल्पलाइन 1930 पर की जा सकती है।

स्रोत: High Court judgment

यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आधिकारिक जानकारी पर आधारित है और केवल जानकारी के लिए है। यह निवेश या वित्तीय सलाह नहीं है।